पाला लगने से आलू की पत्तियां झुलस जाती हैं, जिससे पौधे भोजन नहीं बना पाते. इसका परिणाम यह होता है कि जिस अवस्था में आलू के कंद होते हैं, वहीं उनका विकास रुक जाता है. इससे कंद छोटे रह जाते हैं और उपज में भारी गिरावट आती है. कई बार पूरी फसल तक खराब हो सकती है.
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News1829-12-2025, 09:45

आलू की फसल को पाले से बचाएं: इन 20 दिनों में करें खास देखभाल, वरना होगा भारी नुकसान.

  • डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक आलू की फसल पर पाले का खतरा सबसे अधिक होता है.
  • पाला पड़ने से आलू के पत्ते झुलस जाते हैं, जिससे कंद का विकास रुक जाता है और पैदावार में भारी गिरावट आती है.
  • खेतों में हल्की सिंचाई करने से तापमान संतुलित रहता है और पाले का असर कम होता है.
  • सुबह ओस चमकने पर Indofil M-45, Ridomil या Mancozeb जैसे फफूंदनाशक का 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें.
  • खेतों की मेड़ों पर सूखी घास या फसल अवशेष जलाकर धुआं करना और समय पर सिंचाई करना भी फायदेमंद है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: किसानों को पाले से आलू की फसल बचाने के लिए सिंचाई, धुआं और फफूंदनाशक का उपयोग करना चाहिए.

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