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News1820-12-2025, 13:48

रोहतास के किसानों के लिए खुशखबरी: देर से बोई गई सरसों भी देगी बंपर पैदावार!

  • रोहतास के किसान बारिश और ओस के कारण हुई देरी के बावजूद राजेंद्र सुफलाम-1 जैसी किस्मों से सरसों की बुवाई कर सकते हैं.
  • 10-24 डिग्री सेल्सियस का मिट्टी का तापमान बुवाई और अंकुरण के लिए उपयुक्त है, जिससे देर से बुवाई करने वाले किसानों को नुकसान नहीं होगा.
  • खेत को 4-6 सेंटीमीटर गहरा तैयार करें, मिट्टी की नमी संतुलित रखें; फफूंदनाशक से बीज उपचारित करें (4-5 किलो प्रति हेक्टेयर).
  • बुवाई के 20-25 दिन बाद पहली सिंचाई करें और 30-40 दिन बाद नाइट्रोजन का टॉप-ड्रेसिंग करें ताकि फसल मजबूत हो और उपज बढ़े.
  • कड़ाके की ठंड में पत्ती झुलसा रोग और दीमक का खतरा बढ़ सकता है, नियमित निगरानी करें और आवश्यकतानुसार छिड़काव करें, खरपतवार नियंत्रण भी महत्वपूर्ण है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रोहतास में देर से सरसों की बुवाई अभी भी संभव है, सही तकनीकों से किसान अच्छी उपज और मुनाफा कमा सकते हैं.

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