सूरती भैंस पालन: कम लागत, अधिक मुनाफा, किसानों के लिए वरदान.
सूरती भैंस पालन: कम लागत, अधिक मुनाफा, किसानों के लिए वरदान.
- •सूरती भैंस पालन किसानों के लिए कम जगह, कम खर्च और अधिक मुनाफे का वरदान साबित हो रहा है.
- •यह प्रति ब्यांत लगभग 1300 लीटर दूध देती है और अपने शांत स्वभाव के लिए जानी जाती है.
- •इसके दूध में 8 से 12 प्रतिशत वसा होती है, जिससे यह गाढ़ा और पौष्टिक होता है, और अच्छा दाम मिलता है.
- •सामान्य चारे और कम देखभाल में भी इसका पालन आसानी से किया जा सकता है, छोटे किसानों के लिए उपयुक्त है.
- •मध्यम आकार की होने के कारण इसे कम जगह में भी पाला जा सकता है; पहली बार 4 साल की उम्र में बच्चा देती है.