गेहूं की फसल: शीतलहर में सिंचाई - कब करें, कब बचें? एक गलती कर सकती है फसल तबाह.
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News1812-01-2026, 23:58

गेहूं की फसल: शीतलहर में सिंचाई - कब करें, कब बचें? एक गलती कर सकती है फसल तबाह.

  • शीतलहर में गेहूं की सिंचाई बहुत सावधानी से करनी चाहिए, क्योंकि अत्यधिक ठंड या पाले में सिंचाई से मिट्टी का तापमान और गिर सकता है.
  • कृषि वैज्ञानिक प्रो. अशोक कुमार सिंह के अनुसार, सिंचाई तभी करें जब खेत में नमी की वास्तविक कमी हो; पाले की चेतावनी पर सिंचाई टाल दें.
  • गेहूं की पहली सिंचाई (CRI स्टेज) बुवाई के 20-25 दिन बाद हल्की और समान रूप से करें, ताकि पानी जमा न हो और जड़ों तक नमी पहुंचे.
  • शीतलहर में 6-7 सेंटीमीटर पानी पर्याप्त है; इसे सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच धीरे-धीरे दें ताकि मिट्टी कठोर न हो और पाले का खतरा न बढ़े.
  • सिंचाई के साथ-साथ खरपतवार नियंत्रण और संतुलित उर्वरक प्रबंधन भी महत्वपूर्ण हैं ताकि स्वस्थ फसल शीतलहर का सामना कर सके और उत्पादन बेहतर हो.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शीतलहर में गेहूं की फसल को बचाने के लिए सही समय और मात्रा में सिंचाई व उचित प्रबंधन आवश्यक है.

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