लोकल 18 से बातचीत में कुणाल सिंह ने बताया कि उनका पहले से ही यह सपना था कि सारण में कुछ अलग किया जाए. इसके बाद उन्होंने अपने मामा नचिकेता सिंह से स्ट्रॉबेरी की खेती के बारे में आइडिया लिया. उन्होंने बताया कि मामा पहले से ही स्ट्रॉबेरी की खेती करते थे, जिससे उन्हें यह खेती करना सीखने का मौका मिला.
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News1831-01-2026, 12:46

पुणे से पौधा मंगाकर सारण में स्ट्रॉबेरी की खेती, युवा किसान कुणाल सिंह कर रहे बंपर कमाई.

  • सारण के गरखा प्रखंड के सरगद्दी गांव के युवा किसान कुणाल सिंह पिछले तीन सालों से स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.
  • राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित अपने मामा नचिकेता सिंह से प्रेरित होकर कुणाल ने स्ट्रॉबेरी की खेती की तकनीक सीखी.
  • वह पुणे से 15-20 रुपये प्रति पौधे की दर से स्ट्रॉबेरी के पौधे मंगवाते हैं और अक्टूबर-नवंबर के बीच लगाते हैं, जिससे प्रति पौधा 2-3 किलोग्राम फल मिलता है.
  • कुणाल लगभग एक एकड़ में जैविक तरीकों से स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं और इसे 250-300 रुपये प्रति किलोग्राम में बेचते हैं.
  • वह अपनी उपज छपरा, पटना और सिलीगुड़ी में बेचते हैं, यह दर्शाता है कि आधुनिक खेती पारंपरिक तरीकों से अधिक लाभदायक हो सकती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कुणाल सिंह की सारण में स्ट्रॉबेरी की अभिनव खेती आधुनिक कृषि विधियों से उच्च लाभ का प्रमाण है.

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