पूर्वमुखी घर: समृद्धि और शांति के लिए 90% लोग इन वास्तु नियमों को अनदेखा करते हैं

ज्योतिष
N
News18•25-01-2026, 10:52
पूर्वमुखी घर: समृद्धि और शांति के लिए 90% लोग इन वास्तु नियमों को अनदेखा करते हैं
- •सूर्य और इंद्र देव द्वारा शासित पूर्व दिशा प्रसिद्धि, आत्मविश्वास और करियर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, जो प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करती है.
- •पूर्व दिशा में खुला स्थान, बगीचा या पार्किंग वित्तीय स्थिति में सुधार करता है; दक्षिण से नीची पूर्व दिशा सामाजिक सम्मान बढ़ाती है.
- •पूर्व दिशा का बहुत ऊंचा होना, ईशान कोण में शौचालय, या दक्षिण-पूर्व में मुख्य द्वार जैसे वास्तु दोष वित्तीय और मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं.
- •मुख्य प्रवेश द्वार केंद्रीय पूर्व या ईशान कोण में होना चाहिए; रसोई दक्षिण-पूर्व में (खाना बनाते समय पूर्व की ओर मुख करके).
- •मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में, पूजा कक्ष ईशान कोण/पूर्व में, शौचालय उत्तर-पश्चिम/दक्षिण-पश्चिम में, और अध्ययन कक्ष पूर्व/ईशान कोण में अनुशंसित हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पूर्वमुखी घरों के लिए वास्तु सिद्धांतों का पालन समृद्धि, स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है.
✦
More like this
Loading more articles...





