১) ১৭ই ফেব্রুয়ারি সূর্যগ্রহণ কুম্ভ রাশিতে ধনিষ্ঠ নক্ষত্রে ঘটবে। এর অর্থ হল সূর্য এই সময়ে কুম্ভ রাশিতে থাকবে এবং ধনিষ্ঠ নক্ষত্রের চতুর্থ পর্যায়ে প্রবেশ করবে।২) সূর্যগ্রহণের সময়, রাহু, বুধ, শুক্র এবং চন্দ্র সূর্যের সঙ্গে কুম্ভ রাশিতে উপস্থিত থাকবে। এর আগের এই সংযোগটি ১৯৮৯ সালের ৭ই মার্চ ঘটেছিল। এর অর্থ হল এই সমস্ত গ্রহ সেই সময়ে কুম্ভ রাশিতে উপস্থিত ছিল।৩) রাহু এবং সূর্য কুম্ভ রাশিতে একসঙ্গে অবস্থান করলেও একটি গ্রহণের সংযোগ তৈরি হবে, যা জ্যোতিষশাস্ত্রের দৃষ্টিকোণ থেকে শুভ বলে বিবেচিত হয় না।
ज्योतिष
N
News1817-02-2026, 09:02

फाल्गुन अमावस्या पर 2026 का पहला सूर्य ग्रहण: दिखेगा 'आग का वलय', न करें ये गलतियां.

  • 2026 का पहला सूर्य ग्रहण मंगलवार, 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर कुंभ राशि में होगा.
  • यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढकेगा, जिससे 'आग का वलय' दिखाई देगा.
  • ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक चार घंटे से अधिक समय तक चलेगा.
  • यह दक्षिण अफ्रीका, अंटार्कटिका, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, मॉरीशस, तंजानिया और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में नहीं.
  • भारत में दिखाई न देने के कारण, आमतौर पर 12 घंटे पहले लगने वाला सूतक काल इस बार मान्य नहीं होगा.

More like this

Loading more articles...