বাংলার ঘরে ঘরে মঙ্গলবার হবে ইতু পুজো! জানুন কী করণীয়
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News1815-12-2025, 20:50

इतु पूजा 2025: मंगलवार अघ्रायण संक्रांति पर कृषि पर्व का समापन.

  • इतु पूजा कार्तिक संक्रांति से शुरू होकर पूरे अग्रहायण मास तक चलती है और अग्रहायण संक्रांति पर समाप्त होती है.
  • यह मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा परिवार के कल्याण और बच्चों की भलाई के लिए किया जाने वाला व्रत है.
  • कुछ मान्यताओं के अनुसार, इतु पूजा सूर्य देव या इंद्र देव की पूजा है, जिसका उद्देश्य सांसारिक कल्याण और समृद्धि है.
  • पूजा में मिट्टी के बर्तन में मिट्टी भरकर उसमें विभिन्न बीज और पौधे बोए जाते हैं, जिसे प्रतिदिन जल दिया जाता है.
  • अग्रहायण संक्रांति के दिन इतु का विसर्जन तालाब या नदी में किया जाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह बंगाली परिवारों के लिए सुख-समृद्धि का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक पर्व है.

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