माघ स्नान: राजकोट गुरुकुल में पवित्रता और तपस्या का प्राचीन अनुष्ठान.

ज्योतिष
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News18•08-01-2026, 11:47
माघ स्नान: राजकोट गुरुकुल में पवित्रता और तपस्या का प्राचीन अनुष्ठान.
- •माघ स्नान पौषशुद्धमासम से महाशुद्धमासम तक मनाया जाने वाला एक पवित्र हिंदू अनुष्ठान है, जिसे अत्यंत शुद्धिकारी माना जाता है.
- •शास्त्रों के अनुसार, माघ स्नान बाहरी/आंतरिक अंगों को शुद्ध करता है, इंद्रिय नियंत्रण बढ़ाता है और पापों, दुखों व गरीबी से मुक्ति दिलाता है.
- •राजकोट में स्वामीनारायण गुरुकुल संस्थान साधुओं, छात्रों और भक्तों के लिए पारंपरिक माघ स्नान का आयोजन करता है.
- •इस अनुष्ठान में ब्रह्म मुहूर्त में ठंडे पानी से स्नान करना और फिर भगवान को दंडवत प्रणाम व प्रदक्षिणा करना शामिल है.
- •माघ मास में नदियों और समुद्र में स्नान करने से महत्वपूर्ण आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं, समुद्र स्नान को कुंभ स्नान के समान माना जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: माघ स्नान आध्यात्मिक शुद्धि और अनुशासन के लिए एक शक्तिशाली हिंदू अनुष्ठान है, जिसका स्वामीनारायण गुरुकुल में सक्रिय रूप से अभ्यास किया जाता है.
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