मराठी पंचांगानुसार शनिदेव सध्या मीन राशीत असून 3 जून 2027 रोजी ते मेष राशीत प्रवेश करतील. त्यावेळी विशेष म्हणजे तब्बल 30 वर्षांनंतर शनिदेव मेष राशीत येतील. ज्योतिषशास्त्रात मेष ही शनीची नीच रास मानली जाते, त्यामुळे हा बदल अनेक राशींच्या आयुष्यात मोठे फेरबदल घेऊन येईल.
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News1825-02-2026, 02:20

शनि गोचर 2027: कुछ राशियों के लिए ग्रहण समाप्त, दूसरों के लिए नई शुरुआत.

  • शनि देव 3 जून, 2027 को 30 साल बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय परिवर्तन होंगे.
  • कुंभ राशि की साढ़ेसाती समाप्त होगी, जिससे आर्थिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी.
  • सिंह और धनु राशि के लिए शनि की ढैया समाप्त होगी, रुके हुए कार्य फिर से शुरू होंगे.
  • वृषभ राशि के लिए साढ़ेसाती शुरू होगी, जबकि कन्या और मकर राशि के लिए शनि की ढैया शुरू होगी, जिसमें अधिक प्रयास और अनुशासन की आवश्यकता होगी.
  • कुंभ, सिंह और धनु राशि के लोगों के लिए सौभाग्य, आय के नए रास्ते और करियर के अवसर मिल सकते हैं.

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