लालगंज का प्राचीन संस्कृत विद्यालय जर्जर: 1941 से उपेक्षित विरासत खंडहर में

वैशाली
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News18•20-01-2026, 12:02
लालगंज का प्राचीन संस्कृत विद्यालय जर्जर: 1941 से उपेक्षित विरासत खंडहर में
- •लालगंज का प्राचीन बिहारी शुक्ल मध्य संस्कृत विद्यालय, जिसकी स्थापना 1941 में हुई थी, जर्जर हालत में है और खंडहर जैसा दिख रहा है.
- •ब्लॉक का एकमात्र गैर-वित्तपोषित संस्कृत विद्यालय होने और ब्लॉक परिसर के पास स्थित होने के बावजूद, इसे अधिकारियों द्वारा उपेक्षित किया गया है.
- •विद्यालय में शिक्षकों और छात्रों के बैठने के लिए बुनियादी संसाधनों की कमी है, और बारिश के दौरान गंभीर जल रिसाव होता है.
- •परिचर अभय रंजन शुक्ल ने दयनीय स्थिति पर प्रकाश डाला है, चेतावनी दी है कि ध्यान न देने पर यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा.
- •स्थानीय नागरिक और पूर्व छात्र संस्कृत शिक्षा को बचाने के लिए जन सहयोग और दान के माध्यम से विद्यालय को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लालगंज का ऐतिहासिक संस्कृत विद्यालय, सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक, उपेक्षा और संसाधनों की कमी के कारण खंडहर होने की कगार पर है.
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