•पिछले तीन वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 22-23 से वित्त वर्ष 24-25) में बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस न रखने पर खाताधारकों से हजारों करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है.
•सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 8,092.83 करोड़ रुपये एकत्र किए, जिसमें पंजाब नेशनल बैंक (PNB) 1,577.87 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे रहा.
•निजी बैंकों ने काफी अधिक जुर्माना वसूला; HDFC Bank ने 3,871.71 करोड़ रुपये के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, इसके बाद Axis Bank (2,705.97 करोड़ रुपये) और ICICI Bank (1,224.79 करोड़ रुपये) रहे.
•वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि शून्य-बैलेंस (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खातों के लिए कोई न्यूनतम बैलेंस आवश्यकता या जुर्माना नहीं है.
•2025 तक नौ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक न्यूनतम बैलेंस जुर्माने को पूरी तरह समाप्त कर देंगे; खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे शर्तों की जांच करें या शून्य-बैलेंस खातों में स्विच करें.