
वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएँ, विशेष रूप से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, सोने की कीमत में अस्थिरता को प्रभावित करना जारी रखने की उम्मीद है[1][2][4]।
आर्थिक अनिश्चितताओं और उच्च ब्याज दर के माहौल के बीच, सोने को लंबी अवधि के पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए एक प्रमुख रणनीतिक होल्डिंग के रूप में देखा जाता है [1][2]।