लोकल 18 से बातचीत में कृष्णा देवी बताती हैं कि शादी के बाद उनके पति चेन्नई में काम करते थे, इसलिए वह भी उनके साथ चेन्नई चली गई. पति के ड्यूटी पर चले जाने के बाद वह दिनभर अकेली रहती थी. अकेलापन दूर करने के लिए उन्होंने आसपास की महिलाओं के साथ मिलकर वहां की प्रसिद्ध स्थानीय पेंटिंग तंजौर आर्ट सीखनी शुरू की.
सफलता की कहानी
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News1826-12-2025, 21:21

नौकरी छूटी, शौक बना कारोबार: कृष्णा देवी ने तंजौर पेंटिंग से बदली अपनी किस्मत.

  • चेन्नई में नौकरी छूटने के बाद कृष्णा देवी ने अपने तंजौर कला के शौक को बिहार में जीविका से जुड़कर सफल व्यवसाय में बदला.
  • उनकी तंजौर पेंटिंग्स 22 कैरेट सोने और प्राकृतिक रंगों से बनी हैं, जिनकी कीमत ₹6,000 से ₹2.55 लाख तक है, कुछ ₹3.5 लाख से अधिक में बिकीं.
  • वह सरस मेला और अन्य राष्ट्रीय मेलों में भाग लेती हैं, 2024 के सरस मेला में ₹12-15 लाख का कारोबार किया.
  • कृष्णा देवी 10-12 अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं और उनके काम की सीएम नीतीश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने सराहना की है.
  • उनकी पेंटिंग्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, नोएडा हाट में बेची गई कुछ पेंटिंग्स ग्राहक अमेरिका ले गए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कृष्णा देवी ने तंजौर कला के प्रति अपने जुनून से नौकरी छूटने को एक सफल व्यवसाय में बदला.

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