घर खरीदें या किराए पर लें? 25 साल में बदल गया गणित, जानें कौन सा है ज़्यादा फ़ायदेमंद.

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News18•24-12-2025, 11:51
घर खरीदें या किराए पर लें? 25 साल में बदल गया गणित, जानें कौन सा है ज़्यादा फ़ायदेमंद.
- •पिछले 25 सालों में घर खरीदने या किराए पर लेने का वित्तीय गणित पूरी तरह बदल गया है, जिससे यह निर्णय अब अधिक जटिल हो गया है.
- •2000 के दशक की शुरुआत में, EMI और किराए में कम अंतर, आसान ऋण और संपत्ति को धन सृजन का माध्यम माना जाता था, जिससे खरीदना फायदेमंद था.
- •2008 के वित्तीय संकट के बाद, मेट्रो शहरों में संपत्ति की कीमतें आसमान छू गईं, जिससे EMI और किराए के बीच का अंतर काफी बढ़ गया.
- •1 करोड़ के घर पर 80 लाख का ऋण 20 साल में लगभग 93 लाख रुपये ब्याज के रूप में लेता है, जबकि किराये की उपज 3.5-5% ही है.
- •विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर तभी खरीदें जब 7-10 साल रहने की योजना हो, EMI वेतन के 25-30% से अधिक न हो, और आपातकालीन निधि हो.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: घर खरीदने या किराए पर लेने का फैसला अब भावनाओं से नहीं, बल्कि सावधानीपूर्वक वित्तीय गणना से करें.
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