IAS मनीषा धार्वे: आदिवासी गांव से UPSC तक का सफर, लाखों युवाओं की प्रेरणा

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News18•13-01-2026, 23:18
IAS मनीषा धार्वे: आदिवासी गांव से UPSC तक का सफर, लाखों युवाओं की प्रेरणा
- •खरगोन जिले के बोंदरान्या गांव की मनीषा धार्वे IAS अधिकारी बनीं, लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत.
- •वह अपने आदिवासी गांव से UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करने वाली पहली बेटी हैं, उन्होंने 2023 में चौथे प्रयास में 257वीं रैंक हासिल की.
- •उनके माता-पिता, जमुना धार्वे और गंगाराम धार्वे (पूर्व इंजीनियर जो शिक्षक बने), ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिससे उन्हें मजबूत नींव मिली.
- •मनीषा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के आंगनवाड़ी और सरकारी स्कूलों में पूरी की, फिर इंदौर के होलकर कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीएससी की.
- •वर्तमान में, वह उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों में एक प्रशिक्षु के रूप में प्रशिक्षण ले रही हैं, ग्रामीण विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: IAS मनीषा धार्वे की आदिवासी गांव से UPSC तक की यात्रा दृढ़ संकल्प और शिक्षा की शक्ति को दर्शाती है.
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