
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता आने की उम्मीद है [1][2][3][5][6]।
औद्योगिक मांगें, जिनके साल के अंत तक चांदी की कीमतों को काफी ऊपर ले जाने का अनुमान है, दिए गए स्रोतों में स्पष्ट रूप से विस्तृत नहीं हैं।
भू-राजनीतिक कारकों के अलावा, बढ़ती तेल कीमतें, लगातार मुद्रास्फीति की चिंताएँ, बॉन्ड यील्ड और मजबूत होता अमेरिकी डॉलर सोने की अल्पकालिक कीमत की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं[1][2][3][4]।