
वैश्विक बाजार के रुझान, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक दबाव शामिल हैं, भारत में सोने और चांदी की कीमतों को काफी हद तक प्रभावित करते हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर सोने की कीमतों को बढ़ा सकते हैं। मुद्रास्फीति का जोखिम, राजकोषीय दबाव और बॉन्ड की विश्वसनीयता भी सोने के लिए संरचनात्मक सहायक कारक हैं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, चांदी की भविष्य की कीमतों पर औद्योगिक मांग का प्रभाव स्पष्ट रूप से विस्तृत नहीं है।