
नरसिंह मूर्ति की कलाई को बद्रीनाथ के भविष्य का संकेत देने वाली माना जाता है। एक भविष्यवाणी के अनुसार, जब यह कलाई टूट जाएगी, तो नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे, जिससे स्थापना होगी
जोशीमठ से लगभग 23 किमी दूर स्थित भविष्य बद्री में भविष्य में एक नया बद्रीनाथ धाम स्थापित किया जाएगा।