खंडित मूर्ति भी श्रद्धा से पूज्य, विसर्जन नहीं.
धर्म
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News1806-01-2026, 12:16

खंडित मूर्ति का क्या करें? विसर्जन नहीं, यह है सही तरीका: महंत स्वामी.

  • फरीदाबाद के महंत स्वामी कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, खंडित मूर्ति का विसर्जन करना सही नहीं, यह आस्था को कमजोर करता है.
  • मूर्ति को भगवान का स्वरूप माना जाता है, इसलिए खंडित होने पर भी उसे अनादरपूर्वक त्यागना उचित नहीं है.
  • महंत सुझाव देते हैं कि खंडित मूर्ति के टुकड़ों को हल्दी या चूने से सहेजकर कुछ समय तक पूजा करनी चाहिए.
  • स्वामी कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, पूजा में भावना सबसे महत्वपूर्ण है; सच्ची श्रद्धा हो तो खंडित मूर्ति भी बाधा नहीं बनती.
  • प्यार से सेवा करने पर भगवान क्रोधित नहीं होते, इसलिए खंडित मूर्ति को सम्मानपूर्वक रखें, यह आस्था और परंपरा दोनों को बनाए रखता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: खंडित मूर्ति को विसर्जित न करें, बल्कि प्रेम और सम्मान से सहेजें; सच्ची भावना ही महत्वपूर्ण है.

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