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चैत्र नवरात्रि 2026: शिवनगरी काशी में शक्तिपीठ काशी विशालाक्षी अम्मा और आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित श्री यंत्र
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काशी का विशालाक्षी शक्तिपीठ: जहां गिरे थे सती के कर्णफूल, आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया श्रीयंत्र.
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News18
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19-03-2026, 12:00
काशी का विशालाक्षी शक्तिपीठ: जहां गिरे थे सती के कर्णफूल, आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया श्रीयंत्र.
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काशी का विशालाक्षी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां भगवती सती के कर्णफूल (कान का आभूषण) गिरे थे.
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आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में यहां शक्तिशाली श्रीयंत्र स्थापित किया था, मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में बना है.
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यह वाराणसी में दशाश्वमेध घाट के पास मीरघाट में स्थित है और इसे मां विशालाक्षी गौरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.
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मंदिर में देवी मां की दो मूर्तियां हैं: एक चल (चलने वाली) और दूसरी अचल (स्थिर), दोनों की समान रूप से पूजा की जाती है.
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चल मूर्ति की विशेष पूजा नवरात्रि में विजया दशमी पर होती है, जबकि अचल मूर्ति का जन्मदिन कजरी तीज पर मनाया जाता है.
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