मकर संक्रांति भोग: काशी से जगन्नाथ मंदिर तक, उत्तर-दक्षिण भारत की खास परंपराएं.

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News18•13-01-2026, 14:48
मकर संक्रांति भोग: काशी से जगन्नाथ मंदिर तक, उत्तर-दक्षिण भारत की खास परंपराएं.
- •मकर संक्रांति, दक्षिण भारत में पोंगल के नाम से प्रसिद्ध, पूरे भारत के मंदिरों में विशेष परंपराओं और भोग के साथ मनाई जाती है.
- •श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी में, भगवान जगन्नाथ को 84 प्रकार के व्यंजन, जिन्हें मकर चौरासी भोग कहते हैं, चढ़ाए जाते हैं, जिनमें चावल, गुड़ और मिठाइयाँ शामिल हैं.
- •सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा को अरवणा पायसम (चावल, घी, गुड़) और अप्पम (चावल का आटा, गुड़) का भोग लगाया जाता है.
- •गोरखनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में खिचड़ी (चावल, उड़द दाल या मौसमी सब्जियां) के साथ तिल और गुड़ की मिठाइयाँ चढ़ाई जाती हैं.
- •गुजरात के सोमनाथ और द्वारकाधीश मंदिरों में छप्पन भोग (56 व्यंजन), उंधियू, जलेबी और विभिन्न तिल-गुड़ की मिठाइयाँ अर्पित की जाती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मकर संक्रांति पर पूरे भारत के मंदिरों में विविध और विस्तृत भोग परंपराएं देखने को मिलती हैं.
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