25 नवंबर की तिथि इतिहास के पन्ने में दर्ज - श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपालजी ने आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में इन कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. रामनगरी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत और सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया. इसके बाद 25 नवंबर की तिथि इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गई. सीएम योगी ने पीएम मोदी को राम की प्रतिमा भेंट की. इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे.
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News1827-12-2025, 16:09

रामलला की दूसरी वर्षगांठ 31 दिसंबर को क्यों? जानें हिंदू कैलेंडर का महत्व.

  • अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 31 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी.
  • वर्षगांठ की तिथि ग्रेगोरियन कैलेंडर के बजाय हिंदू कैलेंडर (पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि) के अनुसार निर्धारित होती है.
  • मूल प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी; पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई गई.
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य समारोह में उपस्थित रहेंगे.
  • धार्मिक अनुष्ठान 27 दिसंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर को मुख्य समारोह होगा, जो 2 जनवरी 2026 तक चलेगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रामलला की वर्षगांठ हिंदू कैलेंडर के अनुसार मनाई जाती है, इसलिए 31 दिसंबर को उत्सव है.

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