नई दिल्ली. बॉलीवुड में 'एक्शन हीरो' अक्सर अपनी साफ-सुथरी इमेज को लेकर हिचकिचाते हैं, लेकिन अजय देवगन ने अपने करियर की शुरुआत से ही इस डर को चुनौती दी है. अजय देवगन उन कुछ एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने साबित किया है कि 'विलेन' का रोल करके भी वह अकेले हिट हो सकते हैं. 2002 की फिल्म 'दीवानगी' से लेकर' खाकी' तक, अजय का 'डार्क फेज' हमेशा एक माइलस्टोन रहा है.
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News1825-02-2026, 09:19

अजय देवगन का 'डार्क अवतार': जब-जब आंखों से ढाया कहर, तब-तब कांप उठा बॉक्स ऑफिस.

  • अजय देवगन ने अपने करियर की शुरुआत से ही 'विलेन' की भूमिकाएं निभाकर सफलता हासिल की, जो अक्सर एक्शन हीरो करने से कतराते हैं.
  • 2002 की फिल्म 'दीवानगी' में उनके 'तरंग भारद्वाज' के किरदार ने उन्हें पहला फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवार्ड दिलाया, जहां उन्होंने स्प्लिट पर्सनैलिटी का नाटक किया था.
  • 2004 की 'खाकी' में उनके यशवंत आंग्रे के किरदार ने शाहरुख खान की 'स्वदेस' को भी मास सर्किट में कड़ी टक्कर दी, जिससे वह एक स्टाइलिश विलेन के रूप में उभरे.
  • 'काल' और 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने एंटी-हीरो और रहस्यमयी विलेन के रूप में दर्शकों का दिल जीता.
  • अजय की खलनायक भूमिकाओं की सफलता का राज उनकी खामोशी, बुद्धिमत्ता और दमदार डायलॉग्स में है, जिससे वह अक्सर मुख्य अभिनेताओं पर भारी पड़ते थे.

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