अरिजीत सिंह 'फेम गुरुकुल' शो नहीं जीत पाए, लेकिन फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली ने उनकी प्रतिभा जल्दी पहचान ली. इसके बाद कई सालों की मेहनत- मुंबई में किराए के घरों में रहना, म्यूजिक प्रोग्रामर के तौर पर काम करना, अपना स्टूडियो सेटअप करना, और शंकर-एहसान-लॉय, विशाल-शेखर, मिथुन और प्रीतम जैसे कंपोजर्स के साथ पर्दे के पीछे किया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @arijitsingh)
फिल्में
N
News1828-01-2026, 19:49

अरिजीत सिंह का शानदार सफर: रियलिटी शो से ग्लोबल म्यूजिक आइकन तक का सफर

  • 'फेम गुरुकुल' न जीतने के बावजूद, अरिजीत सिंह को संजय लीला भंसाली ने पहचाना, जिसके बाद उन्होंने म्यूजिक प्रोग्रामर और स्टूडियो मालिक के रूप में कड़ी मेहनत की.
  • उन्होंने 2011 में 'फिर मोहब्बत' से बॉलीवुड में डेब्यू किया और 2013 में 'तुम ही हो' से प्रसिद्धि पाई, लगातार हिट गाने दिए और स्ट्रीमिंग चार्ट में शीर्ष पर रहे.
  • अरिजीत ने 'बिंते दिल' और 'केसरिया' के लिए 2 राष्ट्रीय पुरस्कार, 8 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं और 2025 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया.
  • उन्होंने 10 से अधिक भाषाओं में 715 गाने गाए हैं और लगातार सात वर्षों तक Spotify के सबसे अधिक स्ट्रीम किए गए भारतीय कलाकार रहे, 2026 तक सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले कलाकार बन गए.
  • अपनी विनम्रता और बहुमुखी आवाज के लिए जाने जाने वाले अरिजीत के गाने, रोमांटिक से लेकर भावपूर्ण तक, दर्शकों के साथ गहराई से जुड़े हैं, जिससे उनका संगीत उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अरिजीत सिंह का साधारण शुरुआत से वैश्विक संगीत आइकन बनने का सफर प्रतिभा और समर्पण से भरा है.

More like this

Loading more articles...