भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ सीन और डायलॉग्स  ऐसे होते हैं, जो सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं रह जाते, बल्कि सांस्कृतिक विरासत बन जाते हैं. 1975 में आई फिल्म आई एक ब्लॉकबस्टर फिल्म की हिट डायलॉग भी ऐसा ही है, जिसको आप गली-गली में बच्चों को मुंह से आज भी सुन लेते होंगे. ये फिल्म शोले नहीं है, लेकिन शोले की तरह दो हीरो-दो हीरोइन के साथ कई कलाकार है. एक डायलॉग के लिए अमिताभ बच्चन ने खुद को 15 घंटे कैद रखा था और जब बाहर आकर उन्होंने शूट किया तो ये सीन अमर बना गया.
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News1817-02-2026, 11:54

दीवार: हिंदी सिनेमा बदलने वाली फिल्म, अमिताभ 15 घंटे कमरे में कैद होकर की थी रिकॉर्डिंग.

  • 1975 में रिलीज हुई 'दीवार' ने अमिताभ बच्चन के 'एंग्री यंग मैन' अवतार को मजबूत किया, जिसे सलीम-जावेद ने लिखा था.
  • फिल्म का प्रतिष्ठित मंदिर दृश्य, जिसमें 'आज खुश तो बहुत होगे तुम...' मोनोलॉग शामिल है, सलीम-जावेद की लेखन कला का एक उत्कृष्ट नमूना था.
  • अमिताभ बच्चन ने भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण मंदिर दृश्य की तैयारी के लिए 15 घंटे अपने कमरे में बिताए थे.
  • 'दीवार' की सलीम-जावेद की पटकथा इतनी प्रभावशाली थी कि अमिताभ ने इसे अब तक की सबसे अच्छी स्क्रिप्ट बताया, जिससे उनकी फीस 8 लाख तक बढ़ गई.
  • 50 साल बाद भी, 'दीवार' के संवाद और गरीबी, अपराध और नैतिकता के विषय आज भी प्रासंगिक हैं और प्रेरित करते हैं.

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