नई दिल्ली. 2 जून साल 1988, अस्पताल के उस सन्नाटे भरे कमरे में वक्त जैसे ठहर गया था. शोमैन राज कपूर जिंदगी और मौत के बीच खामोश पड़े थे. तभी दरवाजा खुला और अंदर दाखिल हुए उनके सबसे करीबी दोस्त दिलीप कुमार. सामने अपने यार को कोमा में देख दिलीप साहब का दिल टूट गया. उन्होंने कांपते हाथों से राज कपूर का हाथ थामा और भर्राई आवाज में कहा- 'राज, एक्टिंग मत कर… उठ जा. आज भी मैं देर से आया, माफ कर दे मुझे.' यह सिर्फ एक डायलॉग नहीं था, बल्कि दशकों पुरानी दोस्ती की पुकार थी, जिसमें यादें थीं, मोहब्बत थी और बिछड़ने का डर भी. उस कमरे में मौजूद हर शख्स समझ रहा था कि यह लम्हा साधारण नहीं है… पर उस आखिरी मुलाकात की कहानी में अभी बहुत कुछ बाकी है.
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News1825-02-2026, 15:34

राज कपूर कोमा में थे, दिलीप कुमार ने रोते हुए कहा- 'एक्टिंग मत कर, उठ जा'

  • 2 जून 1988 को दिलीप कुमार अपने दोस्त राज कपूर से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे, जो कोमा में थे.
  • राज कपूर की तबीयत काफी बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि दिलीप कुमार पाकिस्तान में थे.
  • वापस लौटने पर, दिलीप कुमार दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने राज कपूर को बेहोश पाया, उनके परिवार के सदस्य बिस्तर के चारों ओर थे.
  • उन्होंने राज कपूर का हाथ पकड़कर विनती की, "राज, एक्टिंग मत कर... उठ जा. आज भी मैं देर से आया, मुझे माफ कर दे."
  • दिलीप कुमार ने बचपन की यादें, पेशावर और चपली कबाब का जिक्र करते हुए राज कपूर से जागने का आग्रह किया, लेकिन उसी शाम राज कपूर का निधन हो गया.

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