नई दिल्ली: फिल्म 'हक' में इमरान हाशमी के काम की तारीफ हो रही है. दूसरी ओर, यामी गौतम अपने अभिनय के लिए सराही जा रही हैं. इस बीच, इमरान हाशमी ने फिल्म इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई और दर्शकों की पसंद-नापसंद को बखूबी समझाया है.  उन्होंने 'अल्फा मस्क्युलिनिटी' और 'वोक कल्चर' को लेकर बहस पर अपना बेबाक नजरिया पेश किया है. (फोटो साभार: Instagram@therealemraan)
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News1812-01-2026, 20:27

इमरान हाशमी ने सितारों के 'डर' पर कसा तंज, 'हक' जैसी फिल्मों के लिए किया प्रेरित.

  • इमरान हाशमी ने महिला-प्रधान फिल्मों में सहायक भूमिकाओं से बचने वाले अभिनेताओं की आलोचना की, 'स्टार वैल्यू' के डर को बताया.
  • उन्होंने 'एनिमल' जैसी फिल्मों में 'हाइपर-मस्कुलिन' किरदारों की सफलता पर प्रकाश डाला, जो सोशल मीडिया पर 'टॉक्सिक मस्कुलिनिटी' की बहस के विपरीत है.
  • हाशमी ने विद्या बालन के साथ 'द डर्टी पिक्चर' में अपनी भूमिका का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने विविध परियोजनाओं को स्वीकार किया.
  • उन्होंने सवाल किया कि 'हक' जैसी फिल्म कितने अभिनेता करेंगे, कलाकारों से पुरुष प्रधानता के 'सुरक्षित फॉर्मूलों' से परे प्रयोग करने का आग्रह किया.
  • हाशमी ने बॉलीवुड के विभिन्न युगों का उल्लेख किया, अमिताभ बच्चन के 'एंग्री यंग मैन' से लेकर आज के हाइपर-मस्कुलिन किरदारों तक, जबकि ओटीटी प्लेटफॉर्म अधिक विविध सामग्री प्रदान करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इमरान हाशमी ने अभिनेताओं से असुरक्षा छोड़कर विविध भूमिकाएं निभाने का आग्रह किया, उद्योग के बदलते रुझानों पर जोर दिया.

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