हिम्मत और मेहनत के जरिए इंसान पहाड़ को भी झुका सकता है, इस कहावत को गोविंदा ने सार्थक किया. गोविंदा का जन्म गरीबी में हुआ, जब उनके परिवार और पिता हवेली से चॉल में शिफ्ट हुए. गोविंदा के पिता अरुण आहूजा 1940 के दशक के एक्टर थे जिन्होंने 'औरत' और 'एक ही रास्ता' जैसी फिल्मों में काम किया था. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @govinda_herono1)
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News1821-12-2025, 06:01

गोविंदा: गरीबी से सुपरस्टार तक, राजनीति ने बर्बाद किया करियर, अब काम को तरस रहे.

  • गोविंदा का जन्म गरीबी में हुआ था क्योंकि उनके पिता, अरुण आहूजा, फिल्मों में असफल होने के बाद दिवालिया हो गए थे, जिससे परिवार को चॉल में जाना पड़ा.
  • प्यार से 'ची ची' कहे जाने वाले गोविंदा ने शुरुआती संघर्षों को पार किया, जावेद जाफरी के वीडियो और सरोज खान से डांस सीखा, और 1986 में 'इल्जाम' से डेब्यू किया.
  • 1990 का दशक उनका स्वर्णिम युग था, जिसमें 'हीरो नंबर 1', 'राजा बाबू' और 'कुली नंबर 1' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में थीं, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये प्रति फिल्म चार्ज किए.
  • 2004 में कांग्रेस पार्टी के साथ उत्तरी मुंबई से चुनाव जीतने के बाद राजनीति में आने से उनका करियर ढलान पर चला गया, उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीति ने उन्हें फिल्मों से दूर कर दिया और दुश्मन बना दिए.
  • उनकी आखिरी ब्लॉकबस्टर 'पार्टनर' के बावजूद, बाद की फिल्में असफल रहीं, और गोविंदा अब काम के लिए तरस रहे हैं, उनका करियर राजनीतिक भागीदारी से प्रभावित हुआ है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गोविंदा का सफर दिखाता है कि कैसे राजनीति में प्रवेश ने एक सुपरस्टार का करियर पटरी से उतार दिया.

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