ऋतिक बचपन में हकलाने की समस्या से जूझते थे. छोटे-छोटे शब्द बोलना उनके लिए इतना मुश्किल था कि वे अक्सर अपने आपको अकेले में बाथरूम या अलमारी में बंद कर लेते थे. लेकिन उन्होंने मेहनत और लगन से अपनी मुश्किलों को मात दी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @hrithikroshan)
फिल्में
N
News1810-01-2026, 04:01

हकलाने से सुपरस्टार तक ऋतिक रोशन का सफर: ब्लॉकबस्टर डेब्यू और प्रेरणादायक कहानी.

  • ऋतिक रोशन ने बचपन में हकलाने की गंभीर समस्या को हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू अखबार पढ़कर दूर किया.
  • उन्होंने 10 साल की उम्र में बाल कलाकार के रूप में रजनीकांत की फिल्म 'भगवान दादा' में काम किया था.
  • उनकी 2000 की डेब्यू फिल्म 'कहो ना… प्यार है' ब्लॉकबस्टर रही, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया.
  • ऋतिक 2000 के दशक में एक यूथ आइकन बन गए, अपनी फिजिक, डांस और स्टाइल से फिटनेस ट्रेंड को प्रेरित किया.
  • करियर के उतार-चढ़ाव के बावजूद, 'धूम 2' और 'सुपर 30' जैसी फिल्मों में उनके समर्पण ने उन्हें एक सम्मानित कलाकार बनाया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ऋतिक रोशन का प्रेरणादायक सफर बचपन की कठिनाइयों को ब्लॉकबस्टर करियर में बदलने की कहानी है.

More like this

Loading more articles...