नई दिल्ली. एक्टिंक की दुनिया के सरताज कहे जाने वाले मनोज बाजपेयी की फिल्में जब भी अनाउंस होती हैं, तभी से चर्चा शुरू हो जाती है. वजह सिर्फ उनका नाम नहीं, बल्कि वो कहानियां और किरदार भी होते हैं. इन दिनों वह अपनी अपकमिगं वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर सु्र्खियों में हैं. सीरीज के नाम को लेकर खूब विरोध किया जा रहा.इससे पहले भी मनोज बाजपेयी की कई फिल्में पर रोक की मांग उठाई गई है.
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News1806-02-2026, 12:31

मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडित' पर प्रतिबंध की मांग, इन 5 फिल्मों पर भी लटकी थी तलवार

  • मनोज बाजपेयी की आगामी वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' के नाम को लेकर कड़ा विरोध और प्रतिबंध की मांग हो रही है.
  • इससे पहले भी मनोज बाजपेयी की कई फिल्में, जिनमें 'पिंजर', 'बैंडिट क्वीन', 'शूल', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'अलीगढ़' शामिल हैं, विवादों में घिर चुकी हैं.
  • 2003 में रिलीज हुई 'पिंजर' भारत-पाकिस्तान विभाजन और हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक तनाव के चित्रण को लेकर विवादों में रही, जिसमें महिलाओं के दुख को दर्शाया गया था.
  • 'बैंडिट क्वीन' में यौन उत्पीड़न, हिंसा और अपशब्दों के चित्रण को लेकर भारी हंगामा हुआ था, जिससे फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठी थी.
  • 'शूल' ने व्यवस्था, राजनीति और पुलिस के बीच सांठगांठ को दर्शाया, जिस पर राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई, जबकि 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को उसकी भाषा और हिंसा के लिए आलोचना मिली, और 'अलीगढ़' को समलैंगिकता जैसे संवेदनशील विषय के लिए विरोध का सामना करना पड़ा.

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