3 Bollywood Movies with Same Story : कुछ फिल्में अपने समय से बहुत आगे की होती हैं. कई फिल्मों के लिए प्रेरणा का काम करती हैं. 70 के दशक में ऐसी ही एक फिल्म आई थी जिसने दो ब्लॉकबस्टर फिल्मों की बुनियाद रखी. तीनों ही फिल्मों में विलेन का किरदार अमर हो गए. इन फिल्मों को इनके विलेन के नाम से ही जाना जाता है. यह हिंदी सिनेमा की ऐसी फिल्म है, जिसमें विलेन का किरदार करने वाला एक्टर सुपरस्टार बना. अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा फीस ली.  वो फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं.........
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News1802-02-2026, 17:13

बॉलीवुड की विरासत: 'मेरा गाँव मेरा देश' ने कैसे 'शोले' और 'कर्मा' को प्रेरित किया

  • राज खोसला की 1971 की फिल्म 'मेरा गाँव मेरा देश', जिसमें धर्मेंद्र, आशा पारेख और विनोद खन्ना थे, एक ब्लॉकबस्टर बनी और दो अन्य प्रतिष्ठित फिल्मों को प्रेरित किया.
  • 'मेरा गाँव मेरा देश' में विनोद खन्ना की जब्बर सिंह की खलनायक भूमिका एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, जिसने उन्हें सुपरस्टार बनने और अमिताभ बच्चन की स्टारडम को चुनौती देने में मदद की.
  • फिल्म की कहानी, जिसमें डकैत का विषय और अन्याय का बदला लेने वाला नायक शामिल था, ने पौराणिक 'शोले' (1975) और 'कर्मा' (1986) की नींव रखी.
  • 'मेरा गाँव मेरा देश' और 'शोले' के बीच समानताएं धर्मेंद्र के सिक्का उछालने और बंदूक सिखाने के दृश्यों, और खलनायक के नाम (जब्बर बनाम गब्बर सिंह) में शामिल हैं.
  • अमजद खान के पिता, जयंत, 'मेरा गाँव मेरा देश' में दिखाई दिए, जबकि अमजद खान ने खुद 'शोले' में प्रतिष्ठित गब्बर सिंह की भूमिका निभाई, एक ऐसी फिल्म जिसने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बनाए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 'मेरा गाँव मेरा देश' एक मौलिक फिल्म थी जिसने बॉलीवुड की दो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की कहानियों को प्रेरित किया.

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