मोहम्मद रफी की 1977 में शानदार वापसी: दो ब्लॉकबस्टर फिल्में, कालजयी गाने, एक आज भी मंदिरों में बजता है.
मोहम्मद रफी की 1977 में शानदार वापसी: दो ब्लॉकबस्टर फिल्में, कालजयी गाने, एक आज भी मंदिरों में बजता है.
- •मोहम्मद रफी ने 1969 से करियर में मुश्किल दौर देखा, जब राजेश खन्ना की 'आराधना' और किशोर कुमार का उदय हुआ.
- •उन्होंने 1977 में 'अमर अकबर एंथोनी' और 'धरम-वीर' जैसी दो ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ शानदार वापसी की.
- •'अमर अकबर एंथोनी' में रफी साहब ने 'पर्दा है पर्दा' और 'शिर्डी वाले साईं बाबा' सहित 5 गाने गाए, 'शिर्डी वाले साईं बाबा' आज भी साईं मंदिरों में बजता है.
- •'धरम-वीर' में उनके गाए 'ओ मेरी महबूबा', 'सात अजूबे इस दुनिया में' और 'मैं गलियों का राजा तू महलों की रानी' जैसे तीन गाने सुपरहिट हुए.
- •बहुमुखी प्रतिभा के धनी रफी साहब, 6 बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक, का 31 जुलाई 1980 को निधन हो गया, उन्होंने अपना अंतिम गीत 'जिस रात के ख्वाब आए, वो रात आई' रिकॉर्ड किया था.