नई दिल्ली. माना जाता है कि सिनेमा की दुनिया में पहचान बनाने के लिए लीड रोल मिलना जरूरी है, क्योंकि मुख्य भूमिका ही एक्टर को असली शोहरत दिलाती है. हालांकि, ओमी वैद्य के मामले में यह बात गलत साबित हुई. उन्होंने अपनी फिल्म में तीन बड़े सुपरस्टार्स की मौजूदगी के बावजूद साइड रोल से ऐसी जबरदस्त छाप छोड़ी कि हर कोई उनका कायल हो गया.
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News1810-01-2026, 07:06

खराब हिंदी ने दिलाई ब्लॉकबस्टर फिल्म, '3 इडियट्स' के 'साइलेंसर' ओमी वैद्य की तकदीर चमकी.

  • ओमी वैद्य का '3 इडियट्स' में 'चतुर रामलिंगम' उर्फ 'साइलेंसर' का किरदार उनकी सबसे बड़ी पहचान बना, जिसने उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई.
  • लॉस एंजिल्स में पले-बढ़े ओमी वैद्य ने हॉलीवुड और भारत में मराठी थिएटर में अभिनय किया.
  • उन्हें शुरुआत में '3 इडियट्स' में राजू रस्तोगी का किरदार ऑफर हुआ था, लेकिन उनकी टूटी-फूटी हिंदी के कारण वह भूमिका हाथ से निकल गई.
  • निर्देशक राजकुमार हिरानी ने उनकी हिंदी बोलने में कठिनाई से प्रभावित होकर उन्हें 'साइलेंसर' के रूप में कास्ट किया.
  • ओमी को हिंदी न सीखने का निर्देश दिया गया था और शूटिंग से केवल तीन दिन पहले स्क्रिप्ट मिली थी, जिससे किरदार की प्रामाणिकता बढ़ी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ओमी वैद्य की खराब हिंदी ने उन्हें '3 इडियट्स' में 'साइलेंसर' का यादगार किरदार दिलाया, जिससे उनकी किस्मत बदल गई.

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