नई दिल्ली. बॉलीवुड के इतिहास में एक ऐसी अनोखी फिल्म बनी, जिसने हर पारंपरिक फॉर्मूले को तोड़ दिया. महज 28 दिनों में शूटिंग पूरी करने वाली और केवल 10 लाख रुपये के सीमित बजट में बनी यह फिल्म एक चमत्कार से कम नहीं थी. इसके सभी गाने भी रिकॉर्डिंग के लिए सिर्फ 3 दिन ही लगे. फिल्म में उस दौर के दो जाने-माने चेहरे फिल्म में लीड रोल में थे और बॉलीवुड के बड़े नाम इस फिल्म का निर्माण किया था. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि दर्शकों के दिलों पर जो कलाकार छा गया, वह कोई इंसान नहीं, बल्कि एक जानवर था. पर्दे पर उसकी भावनाएं, वफादारी और बुद्धिमत्ता ने सबका ध्यान खींच लिया. एक ऐसा चार पैरों वाला सितारा, जिसने न सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाया, बल्कि फिल्म के सबसे यादगार और मार्मिक पलों का केंद्र भी बना. यह कहानी है एक ऐसे अनोखे हीरो की, जिसने साबित कर दिया कि स्टारडम सिर्फ इंसानों की मोहताज नहीं होती.
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News1806-01-2026, 08:40

28 दिन में बनी 'नूरी': 10 लाख बजट, 2 स्टार, पर असली हीरो बना एक कुत्ता.

  • 1979 की फिल्म 'नूरी' सिर्फ 28 दिनों में 10 लाख रुपये के बजट में बनी थी; गाने 3 दिनों में रिकॉर्ड हुए.
  • यश चोपड़ा द्वारा निर्मित, मनमोहन कृष्णा द्वारा निर्देशित, इसमें फारूक शेख और पूनम ढिल्लों ने अभिनय किया था.
  • फिल्म का असली सितारा खैरू नाम का कुत्ता था, जिसकी वफादारी और बुद्धिमत्ता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और यूसुफ को नूरी के लिए न्याय दिलाने में मदद की.
  • खैरू की शूटिंग के दौरान दुखद मृत्यु हो गई, लेकिन उसने जबरदस्त लचीलापन दिखाया, जिससे टीम पर गहरा प्रभाव पड़ा.
  • 'नूरी' 1979 की 7वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी, जिसने सामाजिक मुद्दों को उठाया और पूनम ढिल्लों को रातोंरात स्टार बना दिया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 'नूरी' ने बॉलीवुड के पारंपरिक फॉर्मूले को तोड़ा, साबित किया कि कम बजट और एक कुत्ते का अभिनय भी हिट हो सकता है.

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