यह फूल जंगल की आग जैसा दिखता है, एशिया के सबसे बड़े लाह बागानों में से एक! इन लाल फूलों की चमक पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है.
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पलामू का कुंडरी लाह बागान: 'जंगल की आग' जैसा नजारा, पर्यटकों को मोह रहा.
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News18•23-03-2026, 10:51
पलामू का कुंडरी लाह बागान: 'जंगल की आग' जैसा नजारा, पर्यटकों को मोह रहा.
•वसंत ऋतु में पलामू का कुंडरी लाह बागान पलाश के लाल फूलों से जीवंत हो उठता है, जो पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करता है.
•'जंगल की आग' के रूप में जाने जाने वाले पलाश के पेड़ पत्ते गिराकर नारंगी-लाल फूल प्रदर्शित करते हैं, जो दूर से जंगल की आग जैसे दिखते हैं.
•एशिया के सबसे बड़े लाह बागानों में से एक, कुंडरी लाह बागान 421 एकड़ में फैला है और इसमें लगभग 90,000 पलाश के पेड़ हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बनाते हैं.
•पर्यावरणविद् डॉ. डी.एस. श्रीवास्तव बताते हैं कि पलाश को विशेष काली कपास मिट्टी की आवश्यकता होती है और इसे नर्सरी में आसानी से नहीं उगाया जा सकता है.
•स्थानीय ग्रामीणों ने 2013 में 35,000 से 2017 तक 125,000 तक पलाश के पेड़ों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यह सामुदायिक प्रयास और क्षेत्रीय विरासत का प्रतीक बन गया.