बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के गहरे अंधेरे सन्नाटे में, जहां इंसान का पहुंचना लगभग नामुमकिन है, वहां वैज्ञानिकों को कुछ ऐसा मिला है जिसने न सिर्फ बांग्लादेश सरकार को हाई अलर्ट पर ला दिया है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. रिसर्च वेसल 'आरवी डॉ. फ्रिडजोफ नानसेन' की ओर से किए गए एक सर्वे में समुद्र की 2 किलोमीटर की गहराई में प्लास्टिक कचरा मिला है. वैज्ञानिकों ने इसे बेहद चिंताजनक बताया है. उनका कहना है कि अगर समुद्र के इतने गहरे और दुर्गम हिस्से में भी प्लास्टिक पहुंच चुका है, तो इसका मतलब है कि इंसान ने प्रदूषण से पृथ्वी के किसी भी कोने को अछूता नहीं छोड़ा है.
ज्ञान
N
News1806-01-2026, 23:35

बंगाल की खाड़ी में 2KM नीचे मिला प्लास्टिक, बांग्लादेश अलर्ट, दुनिया चिंतित.

  • RV Dr. Fridtjof Nansen द्वारा बंगाल की खाड़ी में 2KM गहराई पर प्लास्टिक कचरा मिला, जिससे बांग्लादेश और वैज्ञानिक चिंतित हैं.
  • गहरे समुद्र में प्लास्टिक की मौजूदगी मानव प्रदूषण के व्यापक फैलाव को दर्शाती है, साथ ही जेलीफिश की संख्या में वृद्धि और बड़ी मछलियों में कमी देखी गई है.
  • औद्योगिक ट्रॉलरों, विशेषकर सोनार तकनीक का उपयोग करने वाले, बांग्लादेश के पानी में बड़ी मछलियों को खत्म कर रहे हैं, सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है.
  • माइक्रोप्लास्टिक एक वैश्विक संकट है, जो मारियाना ट्रेंच, माउंट एवरेस्ट, हिमालय और मानव रक्त, फेफड़ों व गर्भ तक पहुंच गया है.
  • 65 नई जलीय प्रजातियों की खोज के बावजूद, प्लास्टिक प्रदूषण और अत्यधिक मछली पकड़ने का खतरा इन खोजों पर भारी पड़ रहा है, विज्ञान-आधारित नीतियों की तत्काल आवश्यकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बंगाल की खाड़ी में गहरे समुद्र का प्लास्टिक और अत्यधिक मछली पकड़ना वैश्विक पर्यावरण संकट का संकेत है, तत्काल नीति चाहिए.

More like this

Loading more articles...