लेक नैटरॉन: अफ्रीका की खूनी लाल झील, जहां जानवर बन जाते हैं 'पत्थर'.

जीवनशैली
N
News18•09-02-2026, 14:28
लेक नैटरॉन: अफ्रीका की खूनी लाल झील, जहां जानवर बन जाते हैं 'पत्थर'.
- •उत्तरी तंजानिया में लेक नैटरॉन अपने खून जैसे लाल पानी और अनोखी रासायनिक संरचना के लिए कुख्यात है.
- •झील का उच्च क्षारीयता (पीएच 10.5) और खनिज समृद्धि टेक्टोनिक गतिविधि और ओल डोइन्यो लेंगाई के ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण है.
- •हेलोआर्किया और साइनोबैक्टीरिया क्षारीय वातावरण में पनपते हैं, जिससे पानी को गहरा लाल, नारंगी और गुलाबी रंग मिलता है.
- •संक्षारक पानी में प्रवेश करने वाले जानवरों को गंभीर जलन, निर्जलीकरण और मांसपेशियों का क्षरण होता है, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है.
- •पानी में मौजूद सोडियम कार्बोनेट जानवरों के शवों को संरक्षित करता है, उन्हें किनारे पर पत्थर जैसी मूर्तियों में बदल देता है.
✦
More like this
Loading more articles...





