उन्होने कहा कि अगर बीपी को समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो यह हार्ट अटैक का रूप ले लेती है. सबसे बड़ा चिंता का विषय है कि यह उन लोगों को भी हो सकती है जो बीपी की दवा ले रहे हैं. मरीज सोचते हैं कि वे दवा ले रहे हैं तो बीपी ठीक होगा लेकिन सर्दी में वह दवा भी बीपी को कंट्रोल नहीं कर पाती. इसलिए रक्तचाप को सामान्य रखने के लिए कुछ जरूरी उपाय किए जाने चाहिए.
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News1813-01-2026, 10:26

कड़ाके की ठंड में बीपी कंट्रोल करने के लिए AIIMS के डॉ. नारंग के 5 अहम टिप्स.

  • कड़ाके की ठंड से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है.
  • AIIMS नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के HOD डॉ. राजीव नारंग ने ठंड में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने को बीपी बढ़ने का कारण बताया.
  • घर पर नियमित रूप से ब्लड प्रेशर जांचें; यदि रीडिंग 140/90 mmHg से अधिक हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
  • नमक का सेवन कम करें, पर्याप्त पानी पीकर हाइड्रेटेड रहें और प्रोसेस्ड व ठंडे खाद्य पदार्थों से बचें.
  • बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ठंड में अधिक सतर्क रहना चाहिए और समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ठंड में बीपी नियंत्रित करने के लिए निगरानी, कम नमक, हाइड्रेशन, गर्म भोजन और डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है.

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