अगर आप पर्यावरण के बीच वक्त गुजारना चाहते हैं, तो यहां अपने पूरे परिवार के साथ पहुंच सकते हैं. इस स्थल को ईको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया गया है. यहां बांस से बने वॉच टावर, बांस से बनी कुर्सियां और व्यू प्वाइंट बनाए गए हैं. इतना ही नहीं, इस जगह में प्राकृतिक सुंदरता को पहले की ही तरह सहेजकर रखा गया है.
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News1825-01-2026, 16:01

बिहार का नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य: साइबेरिया और ऑस्ट्रेलिया के पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना

  • बिहार के जमुई जिले में स्थित नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य सर्दियों में साइबेरिया और ऑस्ट्रेलिया से प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है.
  • यहां फ्लेमिंगो सहित कई दुर्लभ और आकर्षक प्रजातियों के पक्षी देखे गए हैं, जो इसे पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्थल बनाते हैं.
  • अभयारण्य ने 36 साल के संघर्ष के बाद अपनी स्थिति प्राप्त की, अंततः 4 सितंबर, 2009 को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपनी अंतिम अधिसूचना प्राप्त की.
  • एक इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित, यह बांस के वॉचटावर, व्यूप्वाइंट और नौका विहार की सुविधाएँ प्रदान करता है.
  • आगंतुक झाझा रेलवे स्टेशन पहुँच सकते हैं और फिर अभयारण्य तक ऑटो ले सकते हैं; सुबह और शाम पक्षी देखने के लिए सबसे अच्छे समय हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिहार का नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य एक महत्वपूर्ण इको-टूरिज्म स्थल है जो विश्व स्तर पर प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है.

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