दिल्ली के अस्पतालों के बाहर मरीज सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर, भयावह स्थिति.

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News18•05-01-2026, 18:53
दिल्ली के अस्पतालों के बाहर मरीज सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर, भयावह स्थिति.
- •दिल्ली के AIIMS, सफदरजंग, RML और लेडी हार्डिंग जैसे बड़े अस्पतालों के बाहर हजारों मरीज और उनके परिजन कड़ाके की ठंड में सड़कों पर सोने को मजबूर हैं.
- •आधिकारिक दावों के बावजूद, विश्राम गृह भरे हुए हैं और मरीज लंबी अपॉइंटमेंट तारीखों के कारण घर नहीं लौट सकते या रहने का खर्च वहन नहीं कर सकते.
- •सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट (CHD) के सर्वेक्षण में लगभग 7892 लोग, जिनमें ज्यादातर मरीज/परिवार थे, खुले में सोते पाए गए, खासकर AIIMS और सफदरजंग के पास.
- •CHD के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार अलेडिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छ पानी और शौचालय उपलब्ध कराने का आग्रह किया.
- •यह स्थिति हाइपोथर्मिया और श्वसन संबंधी बीमारियों जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करती है; 2019-2023 के बीच दिल्ली में 3,500 से अधिक ठंड से संबंधित मौतें हुईं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों के बाहर हजारों मरीज ठंड में सड़कों पर ठिठुर रहे हैं, तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता है.
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