भारत के जनवरी फसल उत्सव: प्रकृति की प्रचुरता और एकता का जीवंत समारोह.

जीवनशैली 2
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News18•03-01-2026, 12:42
भारत के जनवरी फसल उत्सव: प्रकृति की प्रचुरता और एकता का जीवंत समारोह.
- •जनवरी में भारत के प्रमुख फसल उत्सव मनाए जाते हैं: लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू, जो प्रकृति की प्रचुरता और कृषि परंपराओं का जश्न मनाते हैं.
- •उत्तर भारत में लोहड़ी (13 जनवरी) अलाव, प्रसाद, लोक नृत्य और पारिवारिक मिलन के साथ मनाई जाती है, जो सर्दियों के अंत और रबी फसल की कटाई का प्रतीक है.
- •मकर संक्रांति (14 जनवरी) पूरे भारत में क्षेत्रीय विविधताओं के साथ मनाई जाती है, जैसे गुजरात/महाराष्ट्र में पतंगबाजी और दक्षिण भारत में तिल-गुड़ की मिठाइयाँ, जो सूर्य के संक्रमण को चिह्नित करती हैं.
- •तमिलनाडु में पोंगल (13-17 जनवरी) चार दिवसीय प्रचुरता का त्योहार है, जिसमें उबलते चावल/दूध पकाना, इंद्र और मवेशियों का सम्मान करना और पारिवारिक समारोह शामिल हैं.
- •असम में माघ बिहू (जनवरी के मध्य) फसल के अंत का जश्न सामुदायिक दावतों, अलाव, पारंपरिक व्यंजनों और लोक नृत्यों के साथ मनाता है, जो नवीनीकरण का प्रतीक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के जनवरी फसल उत्सव कृतज्ञता, नवीनीकरण और सामुदायिक उत्सव में विविध क्षेत्रों को एकजुट करते हैं.
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