चीड़ की लकड़ी है पहाड़ों की शान 
सुझाव और तरकीबें
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News1817-12-2025, 04:46

उत्तराखंड: पहाड़ के लोगों का सहारा सूखा चीड़, जंगल बचाकर ठंड से बचाव.

  • उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सूखे चीड़ की लकड़ी का उपयोग ठंड से बचने और खाना पकाने के लिए किया जाता है, हरे पेड़ों को नहीं काटा जाता.
  • ग्रामीण अप्रैल से जून के बीच गिरी हुई सूखी लकड़ी इकट्ठा करते हैं और छह महीने तक इसका उपयोग करते हैं ताकि कड़ाके की ठंड में कोई दिक्कत न हो.
  • यह लकड़ी पारंपरिक चूल्हों और अंगीठियों का मुख्य ईंधन है, जो परिवार को जोड़ती है और भोजन के पारंपरिक स्वाद को बनाए रखती है.
  • यह परिवारों को आर्थिक राहत देती है, महंगे गैस का विकल्प है और अतिरिक्त लकड़ी बेचकर आय का छोटा स्रोत भी बनती है.
  • यह प्रथा प्रकृति से गहरे जुड़ाव, वन संरक्षण और आत्मनिर्भर पहाड़ी जीवन शैली को दर्शाती है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सूखा चीड़ पहाड़ के जीवन का अभिन्न अंग है, जो गर्मी, भोजन और संस्कृति को बिना जंगल काटे बचाता है.

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