
शांतिनिकेतन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है क्योंकि यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के स्वप्निल संसार का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ शिक्षा और प्रकृति का संगम होता है।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त शांतिनिकेतन, रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को सहेजता है, जो प्रकृति से जुड़ी शिक्षा के उनके दृष्टिकोण का प्रतीक है।