चेन्नई के अनदेखे वास्तुशिल्प रत्न: इतिहास और भव्यता का अनावरण.

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News18•01-03-2026, 16:23
चेन्नई के अनदेखे वास्तुशिल्प रत्न: इतिहास और भव्यता का अनावरण.
- •चेन्नई औपनिवेशिक महत्वाकांक्षा, द्रविड़ गौरव और इंडो-सारासेनिक प्रतिभा का एक जीवंत संग्रह है, जो शक्ति, संस्कृति और पहचान को प्रदर्शित करता है.
- •सरकारी संग्रहालय (1851): भारत के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक, चोल कांस्य और अमरावती मूर्तियों को प्रदर्शित करने वाली इंडो-सारासेनिक उत्कृष्ट कृति.
- •सीनेट हाउस (1879): इंडो-सारासेनिक वास्तुकला का एक प्रमुख उदाहरण, रंगीन कांच और चित्रित छतों के साथ चेन्नई की शैक्षणिक विरासत को दर्शाता है.
- •रिपन बिल्डिंग (1913): ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन का नवशास्त्रीय मुख्यालय, अपने कोरिंथियन स्तंभों और प्रतिष्ठित घड़ी टॉवर के लिए जाना जाता है.
- •फोर्ट सेंट जॉर्ज (1644): भारत का पहला ब्रिटिश किला, अब तमिलनाडु विधान सभा और औपनिवेशिक शासन पर एक संग्रहालय है.
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