दुनिया की छत: तिब्बत का रहस्यमय सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति

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News18•11-01-2026, 16:08
दुनिया की छत: तिब्बत का रहस्यमय सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति
- •'दुनिया की छत' शब्द 19वीं सदी में जॉन वुड द्वारा मध्य एशिया के पामीर पहाड़ों के लिए गढ़ा गया था.
- •पामीर पर्वत, जिनकी चोटियाँ 7,600 मीटर से अधिक ऊँची हैं, को स्थानीय रूप से 'बाम-ए-दुनिया' कहा जाता है.
- •यह शब्द बाद में सर थॉमस एडवर्ड गॉर्डन द्वारा लोकप्रिय हुआ और अंततः तिब्बत के विशाल और ऊँचे पठार के कारण तिब्बत के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा.
- •तिब्बत का पठार 2.5 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसकी औसत ऊँचाई 4,500 मीटर है, जो इसे दुनिया का सबसे ऊँचा और सबसे बड़ा पठार बनाता है.
- •एशिया का 'वाटर टॉवर' कहे जाने वाले तिब्बत में हिमालय, माउंट एवरेस्ट और गंगा, यांग्त्ज़ी और मेकांग जैसी प्रमुख नदियाँ निकलती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तिब्बत, 'दुनिया की छत', अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक गहराई और महत्वपूर्ण जल संसाधन प्रदान करता है.
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