
जंगल में एक सफेद तेंदुए के शावक का दीर्घकालिक अस्तित्व उसकी स्थिति की दुर्लभता और अंतःप्रजनन से जुड़ी चुनौतियों के कारण अनिश्चित है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विश्व स्तर पर तेंदुए की आबादी में आनुवंशिक उत्परिवर्तन की आवृत्ति निर्दिष्ट नहीं है। हालांकि, 'ल्यूसिज़्म' नामक एक दुर्लभ आनुवंशिक उत्परिवर्तन सफेद बाघों का कारण बनता है।
नासिक के गन्ने के खेतों में तेंदुओं की सुरक्षा के उपाय दिए गए स्रोतों में विस्तृत नहीं हैं।