While Dutt’s work leaned toward the poetic and tragic, Benegal’s films were pragmatic, political, and socially conscious. Yet, both shared a commitment to authentic storytelling and a desire to push Indian cinema beyond formulaic entertainment.
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News1827-12-2025, 13:30

श्याम बेनेगल: 'गुरु दत्त से ईर्ष्या करता था, सिर्फ प्रशंसा नहीं'.

  • श्याम बेनेगल और गुरु दत्त दूसरे चचेरे भाई थे, दोनों भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित निर्देशक थे.
  • बेनेगल ने शुरुआत में दत्त की सफलता से ईर्ष्या की, जो बाद में उनके "उदासी भरे उत्कृष्ट कृतियों" के लिए गहरे सम्मान में बदल गई.
  • दत्त ने काव्यात्मक, भावुक सिनेमा (प्यासा, कागज़ के फूल) का बीड़ा उठाया; बेनेगल ने यथार्थवाद और सामाजिक मुद्दों (अंकुर, मंथन) पर ध्यान केंद्रित किया.
  • शैलीगत भिन्नताओं के बावजूद, दोनों ने प्रामाणिक कहानी कहने की प्रतिबद्धता साझा की और एक-दूसरे की कलात्मक यात्राओं को प्रभावित किया.
  • बेनेगल के विचारों ने दत्त की विरासत को एक व्यापक संदर्भ दिया, यह दिखाते हुए कि उनके काम ने भविष्य के फिल्म निर्माताओं को कैसे प्रेरित किया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गुरु दत्त और श्याम बेनेगल का जटिल रिश्ता भारतीय सिनेमा के विविध कलात्मक मार्गों को आकार देता है.

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