विक्रांत मैसी: पार्ले-जी और पानी पर गुजारा कर नेशनल अवार्ड विजेता बनने तक का सफर

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News18•26-01-2026, 13:00
विक्रांत मैसी: पार्ले-जी और पानी पर गुजारा कर नेशनल अवार्ड विजेता बनने तक का सफर
- •'12वीं फेल' से मशहूर हुए विक्रांत मैसी ने अपने संघर्षपूर्ण अतीत का खुलासा किया, जिसमें उन्होंने 16 साल की उम्र में अपनी शिक्षा के लिए कई नौकरियां कीं और कम खर्च में गुजारा किया.
- •उन्होंने मुंबई में एक बरिस्ता और श्यामक डावर के ट्रूप में सहायक प्रशिक्षक के रूप में काम किया, जिम्मेदारियों को निभाते हुए जीवनयापन किया.
- •मैसी ने बताया कि वह रोजाना चार लोकल ट्रेनें बदलते थे, 16 घंटे काम करते थे और पार्ले-जी बिस्कुट और पानी पर गुजारा करते थे.
- •इन शुरुआती संघर्षों ने '12वीं फेल' में मनोज कुमार शर्मा के उनके किरदार को गहराई दी, जिससे भूमिका में प्रामाणिकता आई.
- •उनका करियर 'बालिका वधू' जैसे टीवी शो से लेकर 'लुटेरा' और 'छपाक' जैसी फिल्मों तक फैला है, जिसमें श्री श्री रविशंकर पर बायोपिक और 'दोस्ताना 2' जैसी आगामी परियोजनाएं शामिल हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विक्रांत मैसी का संघर्ष से लेकर प्रशंसित अभिनेता बनने तक का सफर लचीलेपन और वास्तविक अनुभवों की शक्ति को दर्शाता है.
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