क्रिकेटर बनने का सपना, आंख की चोट ने बनाया राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक: प्रियदर्शन

मलयालम सिनेमा
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News18•30-01-2026, 09:14
क्रिकेटर बनने का सपना, आंख की चोट ने बनाया राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक: प्रियदर्शन
- •30 जनवरी, 1957 को तिरुवनंतपुरम, केरल में जन्मे प्रियदर्शन एक विपुल भारतीय फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने मलयालम, हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा में लगभग सौ फिल्मों का निर्देशन किया है.
- •शुरुआत में क्रिकेटर बनने की इच्छा रखने वाले प्रियदर्शन की आंख की चोट ने उन्हें फिल्म निर्माण की ओर मोड़ दिया, जिसमें उनके लाइब्रेरियन पिता और उनके साहित्यिक पृष्ठभूमि का प्रभाव था.
- •उनके करियर की शुरुआत पत्रकारिता और पटकथा लेखन से हुई, जिससे अभिनेता मोहनलाल के साथ एक महत्वपूर्ण सहयोग हुआ, जिसने 1984 में उनकी पहली निर्देशित फिल्म *पूचक्कोरू मूक्कुथी* को लॉन्च किया.
- •प्रियदर्शन को *हेरा फेरी* (2000) से हिंदी सिनेमा में व्यापक पहचान मिली और उन्होंने *कांचीवरम* (2008) और *मरक्कर: लायन ऑफ द अरेबियन सी* (2021) जैसे समीक्षकों द्वारा प्रशंसित नाटकों के साथ अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, दोनों ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते.
- •वह *भूत बंगला*, *हैवान* और *हेरा फेरी 3* जैसी परियोजनाओं को पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त होने की योजना बना रहे हैं, उनकी 100वीं फिल्म उन्हें मोहनलाल के साथ फिर से जोड़ेगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रियदर्शन का क्रिकेटर बनने के सपने से लेकर प्रशंसित निर्देशक बनने तक का सफर भारतीय सिनेमा पर उनके विविध प्रभाव को दर्शाता है.
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